February 5, 2026 11:23 am

भारत में हाई-स्पीड रेल परिवहन का सपना अब साकार होने की ओर

अब साकार होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान देते हुए इसकी टाइमलाइन और चरणबद्ध शुरुआत की जानकारी साझा की है।

उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना 15 अगस्त 2027 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी और इसके बाद यात्रियों के लिए इसे खोल दिया जाएगा।

यह परियोजना देश के रेल इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।even thjanचरणबद्ध तरीके से शुरू होगा बुलेट ट्रेन संचालनरेल मंत्री

ने स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन का संचालन एक साथ पूरे रूट पर शुरू नहीं किया जाएगा।after thatइसके बजाय इसे चरणों में शुरू किया जाएगा

ताकि तकनीकी और परिचालन स्तर पर किसी भी तरह की कमी न रहे।उन्होंने बताया कि यात्रियों तक सेवा पहुंचाने से पहले हर सेक्शन पर विस्तृत तकनीकी

परीक्षण किए जाएंगे।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा से जुड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।

सूरत से बिलिमोरा होगा पहला सेक्शन for thatबुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा के बीच हाई-स्पीड ट्रेन चलाई जाएगी।

यह सेक्शन अपेक्षाकृत कम लंबाई का है, जिससे परीक्षण और संचालन की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।इस चरण में ट्रेन की रफ्तार,

सुरक्षा प्रणाली और यात्री सुविधाओं की बारीकी से जांच की जाएगी।इसके बाद इन रूट्स पर चलेगी बुलेट ट्रेनसूरत-बिलिमोरा सेक्शन के सफल संचालन

के बाद बुलेट ट्रेन को क्रमशः अन्य हिस्सों में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में वापी से सूरत के बीच ट्रेन चलाई जाएगी। इसके बाद वापी से अहमदाबाद

तक रेल सेवा शुरू की जाएगी।इन चरणों के पूरा होने के बाद ठाणे से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेन का संचालन किया जाएगा। हर चरण के

बीच तकनीकी मूल्यांकन और सुरक्षा परीक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।आखिरी चरण में पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर होगा चालू परियोजना के अंतिम

चरण में मुंबई से अहमदाबाद के बीच पूरे कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा। यह वही रूट है, जिसे भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना

का मुख्य कॉरिडोर माना जाता है। इस रूट के पूरी तरह चालू होने के बाद मुंबई सेअहमदाबाद की दूरी मात्र कुछ घंटों में तय की जा सकेगी, जो वर्तमान

में काफी अधिक समय लेती है।तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा पर खास जोररेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने बयान में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा

और तकनीकी मजबूती से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भूकंप और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की विशेष व्यवस्थाएं होती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित

करने के लिए हर सिस्टम को कई स्तरों पर टेस्ट किया जाएगा।के विकास में मील का पत्थर बनेगी बुलेट ट्रेनबुलेट ट्रेन परियोजना को केवल एक परिवहन साधन नहीं,

बल्कि भारत के आर्थिक और तकनीकी विकास का प्रतीक माना जा रहा है।इससे न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।15 अगस्त 2027 तक इस परियोजना का पूरा होना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो देश को हाई-स्पीड रेल के युग में प्रवेश कराएगी

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